Categories
शिव भजन लिरिक्सshiv bhajan lyrics

Bhola baba ko lagyo darwar ras ki bunda pade,भोला बाबा को लाग्यो दरबार,रस की बूँदा पडे,shiv bhajan

भोला बाबा को लाग्यो दरबार,
रस की बूँदा पडे,

भोला बाबा को लाग्यो दरबार,
रस की बूँदा पडे,
बूँदा पड़े रे बाबा बूँदा पड़े,
म्हारा बाबा को लाग्यो दरबार,
रस की बूँदा पड़े।।

सरवरिया री पाल निराली,
मंदरिया में मूर्त प्यारी,
भोला बाबा नाडिया पे सवार,
रस की बूँदा पडे,
बूँदा पड़े रे बाबा बूँदा पड़े,
म्हारा बाबा को लाग्यो दरबार,
रस की बूँदा पड़े।।

भोला बाबा को लाग्यो दरबार,
रस की बूँदा पडे,
बूँदा पड़े रे बाबा बूँदा पड़े,
म्हारा बाबा को लाग्यो दरबार,
रस की बूँदा पड़े।।

थारे चौदस मावस मेलो लागे,
है जी मंदरिया में भीड़ न मावे,
ज्यांकी लीला तो बड़ी अपार,
रस की बूँदा पडे,
बूँदा पड़े रे बाबा बूँदा पड़े,
म्हारा बाबा को लाग्यो दरबार,
रस की बूँदा पड़े।।

भोला बाबा को लाग्यो दरबार,
रस की बूँदा पडे,
बूँदा पड़े रे बाबा बूँदा पड़े,
म्हारा बाबा को लाग्यो दरबार,
रस की बूँदा पड़े।।


ढोलक तगड़ो बाजे,
दास भजन बनावे। थारो तगड़ो नाम
रस की बूँदा पडे,
बूँदा पड़े रे बाबा बूँदा पड़े,
म्हारा बाबा को लाग्यो दरबार,
रस की बूँदा पड़े।।

भोला बाबा को लाग्यो दरबार,
रस की बूँदा पडे,
बूँदा पड़े रे बाबा बूँदा पड़े,
म्हारा बाबा को लाग्यो दरबार,
रस की बूँदा पड़े।।

Leave a comment