अरे ऐसा क्या लेकर आया रे, रोवे कुटुंब तेरा रे दिन रात
जब जब ठोकर खाई है मैंने तूने ही मुझको संभाला
मेरी खुशियों का रहा ना ठिकाना
ओ मेरे जैसा नही कोई भी दीवाना
आज उदासी मीरा क्यों खडी।तेरे आवे कन्हैया लणिहार भक्ति की लावे चुंदड़ी
श्याम तो पे वारी वारी जाऊं जी मैं,
तू ही तो मेर संसार है,
यह नैना बावरे तुमको पुकारे मेरे सांवरे।
आप साहिब किरतार हो,
मैं हूँ बन्दा तोरा,
सो सो शूरमा के बिच में ,
अकेलो बालाजी।
चालो जी चालो चालो भाईडा रे ,
चालो चाला बालाजी रे धाम।
आयो मेलो आज बाबा रो,
आयो मेलो आज रे,
रूनीचा नगरी चालनो भाईडा रे,
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