धोली छतरिया में बैठया री भोलानाथ,
पेड्या पे गोरा पार्वती,
बाबा थारो प्यार,
खाटू खिंच ले आवे रे,
आयो बाबो नरसी रे,
भात कुन भरसी रे,
श्री राधाजी की कृपा राधाजू! मो पै आजु ढरौ।
दरबार में सरकार के, नाचेंगे हम छम छम, छम
फागुन का मेला है, खाटू को जाना है, हाथों में बाबा का, निशान उठाना है,
श्याम सजने लगा लीले चढ़ने लगा
खाटू धाम से आएगा
मैंने सब कुछ तुम्ही से है पाया
मुझे पत्थर से पारस बनाया
माँ मुझे अपने आँचल में छुपा ले,
गले से लगा ले
घर आयी महारानी मेरे घर आयी महारानी,
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