वृन्दावन चिठिया पावागे दिल लै गया मुरली वाला।
शेरावाली मइयां ताले किस्मत के खोल,
ले गई ले गई रे हमारो चित चोर,
कन्हैया तेरी बंसुरिया,
गुरु जी मने जतन बता दो कैसे करोगे भव से पार
सांवरियां सु लग गई प्रीत मैं तो हार के दिल गई उस को जीत,
लोरी सुनाए गौरा मैया,
झूला झूले गजानंद,
जे इक तेरा प्यार, ओ दिलदार, सांवल यार, मैनू मिल जावे,
नित तेरा दीदार करू इक पल में सो बार करू,
बिना मथले न निकली रतन हीरा।
मैया यशोदा कान्हा को झुला झुलावे रे।
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