मोर बोले, चकोर बोले,
आज राधा के, नैनो में श्याम डोले।
जो तुम नहीं दोगे फिर कौन देगा श्याम,
तू कर ना कोई बहाना,
ओ माखन तुझे मिल जाएगा
तुम्हें किस तरह मनाऊं मेरी माता शेरावाली।
श्याम के दिल में उतर गई रे राधा की झान्झारियां,
श्याम रंग की ओढ़ चुनरिया श्याम से मिलने आयी
मन पवन री घोड़ी,
घोड़ी रे, पाँच बछेरा,
मुझे रखले माँ सेवादार रहूगा तेरे चरणों में
पुकारा तूने पुकारा तेरा दुलारा दोडा आया माँ तेरे घर।
आई जब से दर मैं तेरे मेरे घर में है आनंद माँ
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