रण में आयी देखो काली,
खून से भरने खप्पर खाली,
गोपाल म्हारो पारणिये झूले रे,
झुलावे गोकुल नी देवकी,
मैं पतंग हूँ प्यारे तेरे हाथ है मेरी डोर
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Kali chalisa, काली चालीसा
जयकाली कलिमलहरण, महिमा अगम अपार
चेहरे चेहरे में नज़र आये चेहरा तेरा।
जिसे दुनिया हराए,उसे श्याम जिताए। हारे का सहारा बन जाए,
हे गुरुवार अभिनन्दन है
पद पंकज में वंदन है
चितचोर मेरो माखन
खाये गयो री
आया है आया नव वर्ष आया,
भक्तों को दाता ने दर्शन दिखाया॥
फागुन को मेलो भारी, खाटू की कर लो तैयारी।
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