कुण्डी माँ की खड़का ले दिल से आवाज लगा ले,
हरदम आवे थारी याद, श्याम कीर्तन में।
श्याम सलोनो प्यारो म्हारो, मैं लुल लुल जावा
भक्ता को यो काम, बाबा थाने ही बनानो है, थाने नीले चढ़ आणो है ।।
खाली जाऊ ना सरकार खड़ा सु अड़ के,
मुझे अगले जन्म में बनाना मां, पौढ़ी अपने दरबार की।
कैसे चढ़ाऊं भोले दूध गंगाजल,
अरे रे में तो मार कटारी मर जाऊंगी,भोले के संग ना जाऊंगी।
आज कहानी श्याम की सुनले वार्ना कल पछतायेगा,
देखो भिखारी आया मोहन तेरी गली में..
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