नौ दिन नौ दिन नौ दिन मैयाजी तुम्हे नौ दिन मुबारक हो।
क्यों धीरज खोता है ज़रा देर लगेगी।
मैं तो देख आई सारे दरबार मैया का भवन प्यारा लगे,
अम्बे दुर्गे महाकाली नारायणी, जगदम्बे नमो सर्वसुखदायिनी,
मेरा हाथ पकड़ लो माँ, जगत में भीड़ तो भारी है,
हारे का है तू ही सहारा, बाबा लखदातार,
हार के बाबा आया हूँ, मैं तेरे दरबार,
सिंह पे चढ़के आ रहीं मैया, हो रही जय जयकार।
आईजी बेलीयाँ रे गला में बाजे घुंगरा,
फूलों में सज रही है मेरी मैया शेरो वाली,
भगता रो हेलो सुण ने आवजो,
म्हारी करणी माता।
नित उठ जोडू थाने हाथ ओ ,
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