श्याम तेरी मूर्ति को फूलों से सजाया है,
दर दर की ठोकर खा कर के तेरी शरण में आये माँ,
ना रोल श्यामा मैं रूल गईया,
तेरे नाल प्यार पाके भूल गईया,
मेरे मन की उडी पतंग पकड़ लो श्याम पतंग की डोर,
सारे जहा से हार के आई,श्याम तेरे दरबार,
सांवरियां बना लो सेवादार,
जन्मो जनम यूँ ही,
तेरा प्यार मिले सरकार,
वृंदावन का कृष्ण कन्हैया,
सबकी आंखों का तारा,
सोना दरबार माँ का करलो दीदार माँ का,
साँवरिया, मेरी गाड़ी छूटी जाए,
सिंदूर ना मिटने देना मैया मेरे माथे का,
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