शेरावाली को लगे ना नजरिया कोई टीका लगा दो।
मेरे सुनो रे बलम भरतार,चुनरिया ला दे जयपुर की
मैया शेर लेकर आए तेरे द्वार, उसी में तुझको लेकर जाएंगे।
गुरु नाम की रेल खड़ी है कोई चढ़ लो चढ़नेवाला।
झूला पीपल पर डलवाए दिजो मेरे सुघड़ सलोने सैयां
माँ शेरावाली मैया किरपा नजरिया,
तुलजा भवानी मैया किरपा नजरिया,
ऊँचा भवन है मैया का मैं चड़ते चड़ते आ गई
करके आजा मैया शेर की सवारी,
ढोल नागरा बाजे शंख घड़ियाल गूंजे
मृदंग बाजे बजे खड़ताल
हेलो हाए छोड़के जय माता दी बोल,
You must be logged in to post a comment.