नाचे राधे श्याम,वृन्दावन झूम रहा।
वृंदावन में नाचे रे देखो शिव शंभू नाथ
नर सो मती जाग भजन करले,नर सो मति रे।
मत ना बरजो ए माता मावड़ी, संतो दर्शन जाती।
भस्म भभूत से खेले होली,मेरे बाबा भोलेनाथ
ये होली खाटू धाम की, के सारा इंडिया ठुमकदा।
मुरली छोड़ दे सांवरिया फागन मेलो आयो रे,
बरसा दे कन्हैया प्रेम रंग, आज खेल मेरे होली संग।
तू ना ना, करती हार गई मैं सब बार गया।
हर ग्यारस ने चलके जो खाटू आवेगा,
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