शेरावाली दा जगराता जयकारा बोलो गली गली,
नवरात्रों में मैया मेरी हद कर गई,
हरे गुलाबी नोटों से मेरी झोली भर दी….
अटक अटक झटपट पनघट पर
चटक मटक एक नार नवेली
आ जाओ माँ दिल घबराए.
देर ना हो जाए कहीं देर ना हो जाए…..
बता दो हे जगत जननी, मेरा उद्धार कैसे हो,
दुर्गे तुम्हारी जय हो, अम्बे तुम्हारी जय हो
कलकते से रेल चली है, रेल चली दिलवालों की।मैंने पहना झोला काली का
मटकी ना फोड़, तोह ते विनती करूँ मैं कर जोड़, मटकी ना फोड, मटकी ना फोड।।
ये माया तेरी, बहुत कठिन है राम
जीमणो नागोणे रे मांय म्हारी माँ। ऊंचो रे देवळ मैया ऊजळो भवानी,
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