मैं तो रंगी हूं श्याम तेरे प्यार के रंग में।
लेकर ग्वाल बाल की टोली, होली खेले सांवरिया।
सजे हैं दूल्हे से बने हैं दूल्हे से
उड़े इत्र अवीर गुलाल, सतरंगी फागुण आयो रे
फागण आयो रे, मस्तियाँ ल्यायो रे
करली फागुन की तैयारी, खाटू नगरी जाना से
ये चमक ये दमक फूलवन मा महक,
सब कुछ सरकार तुम्हई से है।
सब कुछ हनुमान तुम्ही से है।
अवध में होली खेले श्री राम। बिरज में होली खेले मेरे श्याम
हाय हाय रे मेरे श्याम सांवरिया।
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