अँखियाँ रा तारा म्हारा प्राण आधारा रे,
सोजा रे सोजा रे कन्हियाँ सोजा रे नंदलाल कन्हैया,सोजा रे सोजा रे, नींदिया आ रही आ रही नींदिया सोवत श्याम हमारे,सोजा रे सोजा रे,सोजा रे नंदलाल कन्हैया, मात यशोदा लोरी सुनावे वो इक टक तोहे निहारे,सोजा रे सोजा रे,सोजा रे नंदलाल कन्हैया, रात सुहानी चाँद उगा है विखरे है नव तारे,सोजा रे सोजा रे,सोजा रे […]
रे मने मथुरा में घुमा दियो कृष्ण कन्हियाँ
सामान सो बरस का है,
पल की खबर नहीं।
पल्लो छोड़ दे रे साँवरिया घर में सासू जी लडे
राधा नखराली थारो छैल भरतार कानूडो
राधा नखराली।
म्हारी सामली गली में नंदलालो
लालो जी म्हाने कोली के पाछे ने देवे झालो
कर ना सके जो कोई भी,
करके दिखा दिया,
तूने एशा दरबार नहीं देखा
माँ के जैसा दिलदार नहीं देखा
तू जाके एक बार जाके देखले।
राम जी ढूंढ रहे किसी ने मेरी सीता देखी।
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