तुम अगर मोहन मुरली बजाते रहो, गीत गाता रहूँ मैं तुम्हारे लिए,
कालीए नी कलकत्ते वालीए माता,
तू कजो बसीए दूर मेरी माँ।
मैया थारी चुनरी म्हाने लागे बेमिसाल है
बाजे अयोध्या में बधाई देखो जी देखो जन्मे प्रभु राम
तुमको कसम हमारी, तुमको मेरी दुहाई
मैया तेरी अंखियां सुरमेदानी
मैया तेरा टीका लाख का रे,
मैया तेरे दर पे कमाल हो गया, जिसने जो मांगा वो सब दे दिया।
लाई लाई मैं दाने अनार के, मेरी मैया के नौ दिन बहार के।
नौ दिन नौ दिन नौ दिन मैया जी तुम्हें नौ दिन मुबारक हो।
चुनरी ओढ़ाऊं मैं मैया को चुनरी नहीं मेरा दिल है।
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