आ गई नवरात्रि सब तैयारी कर लो, चंदन की चौकी कलश भर लो।
माई लहर लहर लहराए, जवारे तोरे हरे हरे।
अब आ भी जाओ मां ,क्यों देर लगाई है।
पथ राखोंं,पथ राखोंं,मोरी माई शारदा पथ राखोंं।
मेरे घर आओ मां शेरावाली।
अरी ओ लाडली अपने माथे का टीका संभाल।
माताजी, कुन थारे अंतरीयो लगायो सा
ओ जी रे दीवाना तू तो, मालिक ने क्यों भूलीयो रे दीवाना
मन तेरे चरणों में लागा।
प्रभु रथ में हुए सवार नगाड़ा बाज रहा
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