जग का करतार वो, सब का भरतार वो, तू उसे भूल जाने की, कोशिश ना कर,
मेरे मन की प्यास बुझा दे, हे अंजनी के ललना,
ईश्वर तेरे दरबार की, महिमा अपार है,
ये लखदातारी है, लीले असवारी है, तीन बाणधारी बाबा श्याम
जब अयोध्या में जन्म, लिया राम ने।
जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है,
अभी हमने जी भर के देखा नही है…
आज बालाजी का किर्तन हमारे अंगना ,
जिंदगी राम की देन है,
इसके हरपल को जीना पड़ेगा,
महाकाल की हर इक गली गली,
दुल्हन की तरह से सजती है,
शिव शंकर का नाम जपो रे,
शिव शंकर का नाम जपो रे,
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