सौ सौ सूरमा का बीच में, अकेलो बालाजी।।
राम नाम रो डंको बाजे, हरि नाम री वीणा रे,
देखें नैना हर पल तुमको,
ऐसी इनमें ज्योति लिख दो,
मेरे प्राण धन श्री राधा रमणं,
बोली गौरा जी पुत्र गजानन से गजानन से,
आओ गजानंद जी तुम्हें प्रथम मनाएंगे,
जन्म लिया जग में आई हरी पाने के लिए,
सो रहे पार्वती के लल्ला,
हे री सखी कोई ना मचाईओ हल्ला,
बधैया बाजे
बधैया बाजे आंगने में बधैया बाजे ..
आओ गजानन जी हम तुम्हे मनाते हैं…..
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