मेरे सांवरे की दर की महिमा निराली है,
फूलों में सज रहे मेरे बांके बिहारी,
मेरे श्याम जी की, खाटू धाम जी की,
बड़ी जादू भरी है तेरहा सीढ़ियां
ना तुम सा है दानी कोई, ना तुम सा है साथी कोई,
केवट राम का भक्त है, दोनों चरणों को धोना पड़ेगा,
सुन भक्तो की करुण पुकार, तुम एक बार आओ मेरी माँ,
मेट देती दवा दर्द तलवार का, घाव बोली का फिर भी ना भरता कभी,
पास कुछ भी नहीं है, खोने को श्याम,
श्याम के दरबार से, खाली नहीं जाएंगे,
एक मन कि बात बताऊ मै, थारे चरणा शीश झुकाऊँ मै,
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