काहे दिन चली जाऊंगी,काया तोहे धोखा दे जाऊंगी।
तूने बदली मेरी फूटी किस्मत जबसे खाटू में जाने लगा हूं।
श्याम मोरछड़ी लहरादे, सारे संकट कट जाएँ
बीच भंवर में नैया हमारी, हमें श्याम प्यारे जरुरत तुम्हारी,
दरबार तेरा सांवरे, छूटे कभी नहीं,
गुरूजी आसन पे बैठे सबको रहे हैं समझाए।
आओ भगतो तुम को सुनाये पांच के अंक की लीला बताये।
बहना चलो गुरु के पास गुरूजी कछु ज्ञान बतावेंगे।
पग पग पोरो पाप रो कलयुग में क्युं तड़पावो
चार दिना रो अठे पामणो २ आखिर पाछो जावेला
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