उड़ जा काला कागला साँवरियो आवे रे,
सतगुरु नवल ब्रह्म हो पूरण विश्वाबिश
मेरा सांवरा सबको देता ख़ुशी से, दातार ऐसा है ये कहे ना किसी से,
मेरी फरियाद सुन भोले, तेरे दर आया दीवाना,
किसी का तुम्हे जब सहारा न हो, जहाँ में कोई जब तुम्हारा न हो ।।
रहमत बरस रही है, बाबा तेरी नज़र से,
जय सिया राम जय जय सिया राम…
असो नवरातर चलत सांवरिया सगरो देवी माई के दुवरिया
मेरो मन राम ही राम रटे रे,
जिनहु शेरवाली मैया का सहारा मिल गया,
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