पर्वतों पर तेरा वास, नदी को रखते हो पास, जटा गंगा का निवास हमको अच्छा लगता है।
मुझको मेरा श्याम रिझाना आ जाए
हे लाडली, सुध लीज हमारी।
जय हो बजरंगबली वीर बजरंगबली।
आज्या रै परदेशी खड़ी नीम के तळे
ऐ मेरी भावज ऐ नैना रा बाण मत मार ऐ,
भर दे मायरो सांवरिया नानी बाई को,भर दे मायरो।
भज अवधपति श्री रघुराई।
मन गाए बस राम ,सिया राम जी।
चरणों में रघुवर के, सारी उम्र बितानी है।
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