तेरी मीठी तेरी मीठी लागे छाछ गुजरिया बरसाने वाली,
मेरे दिल की पतंग कट गयी
डोर सांवरे के हाथ लग गयी
इतना तो कर्म करना रसिकों पर मेरे कान्हा।
राधा रानी के रसीले नैना मोहन से लड़े,
गिरी गोवर्धन पे गाय चराय ला बंसी वाले।
नंदबाबा का मैं हूँ गोरा नन्द गाँव मेरो गाँव,
तेरी जिंदगी सुख से कट जाएगी तू नाम हरि का भज ले।
बजाय रहे डमरू भोले दानी।
सावन में झूलाओ झूला हमारे बांके बिहारी को।
दुनियाँ से दिल लगाकर, दुनियाँ से क्या मिलेगा,
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