भजो गोविंद गोपाल गिरधारी।
तुम पास पास रहना तुम साथ साथ रहना,
झूले पार्वती जगदम्बा,
झुलावै शंकर त्रिपुरारी,
मंगल कारी नाम है उनका,
शम्भू भोला भला रे,
देखो सांवरे के संग,
गोरी झूले हिंडोला,
कन्हियाँ झूले पलना झुलावे महतारी
हिंडोरा झूले श्याम झुलावे राधा प्यारी।
मेरी अखियां तरसी सांवरे, तेरा दीदार पाने को,
दर खुला जदों सच्ची सरकार दा,
जिनके सिर पर हाथ हो इनका, क्या बिगाड़े काल,
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