दर दर भटक लिया तेरे दीदार के लिए,
मैं कैसे दर्शन पाऊं,
तेरा शेर खड़ा रस्ते मे।
हमरी गुलाबी चुनरिया हमें तो लग जाएगी नजरिया रे
तेरे नाम का सुमिरन करके मेरे मन में सुख भर आया।
लाल चुनरिया मैया जी की लहर लहर लहरानी है,
ओ दुनिया वालों दामन फैला लो,
मेरी शेरावाली चली आ रही है,
अंगना पधारो माँ अंगना पधारो, अंगना पधारो माँ अंगना पधारो,
बल्ले बल्ले जी मैया दे नवराते आ गए,
मति मारे लांगुरिया मेरे लग जाएगी।
मैया तो मेरे मन में बसी है। मां के जयकारे लगा देना,
You must be logged in to post a comment.