कलयुग में गाया री पुकार,
सुनो मारा सांवरिया अरदास,
मां के हाथों में सुंदर चूड़ियां है। माथे सोहे मुकुट लाल बिंदिया है।
मुझे जिंदा तूं रहने दे तुझे अपना बनाने तक
दिल की हर घड़कन से तेरा नाम निकलता है,
एक सहारा तेरा भगवान एक सहारा तेरा।
भोले की दीवानी बन जाउंगी
हम गरीबों से रखता है यारी।नाम उनका है बांके बिहारी।
मुझे याद आ रही है
तेरे खाटू की वो गलियां मुझे बुला रही है
ओ सांवरे तेरी याद आ रही है।
राधे गोविंद गोपाल बोलो रे गोविंद गोपाल बोलो रे।
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