प्यारा साँवरिया थारा ठाठ देखकर
मन हरषावे है प्यारा सांवरियां ।
अरी बहना झूला तो झूलें नंदलाल,
झुलावें प्यारी राधिका ।
हमारा सांवला सरकार, हमें किस बात की चिन्ता
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
में तो श्याम की दीवानी होई रे,
मैं तो सांवरे के रंग में खोई रे।
सावन का महीना, चले है पुरवैया
चलो री सखी देख आये प्यारे रघुरईया
नाम जप ले रे सियाराम जप ले।
अब तुम रथ को रोको ओ मुरलिया वाले मोर मुकुट वाले।
रथ रोको मुरलिया वाले, दीवानी तेरी हो गई रे मस्तानी तेरी हो गई रे।
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