एरी मैं नंगड़ा के ब्याही मेरी मां राम रटन दे ना एक घड़ी।
राम ने हठ ये लगाई रे,मुझे बानर दिला दो।
संभालो सिलबटना मायके चली।
नारायण झूले पालना
हो लेके कद उड़ ना जावे मेरा भाई,ननद मेरी सोने की चिड़िया।
मैं दासी बन जाऊंगी मनमोहन मुरली वाले की।
पधारो नाथ पूजा को हृदय मन्दिर सजाया है
ऐसा मुखड़ा है प्यारा, हर कोई दिल है हारा
बाबा तेरा मेरा प्यार कम होवे ना सरकार
भगवान मेरा जीवन , संसार के लिए हो
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