लटको जोगी छोड़ दे रे जोगिया रे ,
कइयाँ सरसी श्याम,
थारी नाराज़ी ना भावे जी,
तेरी आँख्या रो काजल,
मने करे से बाबा घायल,
पियाजी ऊभी मै सरवर तीर,
निर्मल निर्मल पानी, माई रेवा तुम्हारो,
म्हाने बेगो बुलाल्यो बाबा श्याम,बसाल्यो थांके गांव,
पार्वती के जीवन मे,
पड़े भोलेनाथ के पाँव,
कहा छुपे कहा खड़े हो गोवर्धन धारी
श्री कृष्णाष्टकम्
हम श्याम के प्रेमी हैं हमें श्याम से मतलब है
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