मैं तुमसे पिया अरज करू मोहे खाटू धाम दिखा दे।
श्याम बाबा का दर मिल गया
आयो फागणियो मस्तानों चालो श्याम धनी के द्वार
होय होय की फागन आ ही गया।
प्रभु की याद में घड़ियाँ जो जीवन की बितायेगा
कान्हा पिचकारी मत मार मेरे घर सास लडेगी रे।
आजा लेकर बाबा तु एक दिन की छुट्टी।
चाहे सुख हो दुख हो एक ही नाम बोलो जी।
हाथ जोड़ कर मांगता हूं, ऐसा हो जन्म, तेरे नाम से शुरू, तेरे नाम पे खत्म।
लुट गया, लुट गया, लुट गया, लुट गया।
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