तेने मोहे ते मचा दी रंग होरी,रंग डाली चुनर कोरी।
द्वारका सु आया भगवान गौ माता रोवे खड़ी-खड़ी।
मोपे पर मोर छड़ी लहराई गयो री वो तीन बाण का धारी।
राधे सबसे बड़ी सरकार तु भजमन श्री राधे।
मेहंदी राचणी को पेड़ लगायो रसिया मेहंदी राचणी
खड़ी नीम के नीचे मैं तो एकली
घडला डूब जा म्हारो परनोडो तिसायो जावे
घुंघट खोल दे भाया की भावज हीयो बिल्खे
नीली साटन को सीमा दे पेटीकोट बन जाऊं थारे घरवाली।
तेरी जोत जले, तेरा भोग लगे
तेरी हो रही जय जयकार,
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