हे ब्रह्मचारिणी ज्योतिर्मय हे जग कल्याणी अंबा।
प्यारी लागे चुनरी मां ओढ़ो तो सही
सिंघवाहिनी 10 भुजा धारी, चंद्रघंटा मां की महिमा निराली।
भाव भक्ति रो लाडू बनायो, ओ तो जीमे ज्याणे लागे स्वाद, लाड्डू भक्ति रो।
हे माँ दुर्गे आवेगी,
दोनों हाथ बजाओ ताली,
मैया के दरबार पर देखो धूम मची नवरात्रों में
मैंने चौकी है आज सजाई, मां आने वाली।
खेलो खेलो रे भवानी म्हारी गाजन मां
गौरा म्हारी है मतवाली ईशर कामन गारा सा
कालों की काल महाकाली ,कलकत्ते वाली,चली है बहनों मंदिरों से।
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