भैया हमको वह चश्मा बनाई दे, जिसके लगते ही कान्हा दिखाई दे।
लंबी जीभ निकाली मेरी मां ने, सारी सृष्टि घबराई रे, मेरी मांत कालका।
गरीबों को गले से लगाना पड़ेगा
तुमको बुलाए मैया आना पड़ेग।
लेके मैया का श्रंगार, करके मां की जै जैकार
मैया आओ तो सरी दादी आओ तो सरी
आ मायड री लाडकड़ी बाबोसा रे सिर री पगड़ी
जम्मू से मैया आई है गुफा को छोड के
भवानी आच्छी बैठी ये ऊंचा पहाड़ पे
नवरात्रि में नौ देवियों का पूजन करेंगे
हे शैलपुत्री हे शक्ति दायिनी भवभय हारी पधारो
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