मैया तेरी महिमा है निराली।
खेलो मोटा चौक में चामुण्डा ए,
भोले डमरू बजा दो एक बार हमारे हरी कीर्तन में।
मुझे छोड़ ना देना माँ मेरा दिल घबराता है
तेरा पल पल करूं इंतजार तू मेरे घर आजा मां।
कहां से आई मैया काली भवानी, कहां से आए हनुमान
ऊँचे आसन तुम्हें बिठाऊ भोग लगाओ मेरी मां।
राहों में फूल बिछा दूंगी, जब मैया मेरे घर आएंगी,
निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पायेगा।
रामजी की निकली सवारी, झांकी की शोभा है न्यारी।
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