खेले मसाने में होरी दिगम्बर, खेले मसाने में होरी।
चली आई लट छुटकाए हाथ ले लाल ध्वजा।
राम जी की भईले जन्मवा,हो रामा चैत के महिनवा।
आज जन्मे पवन कुमार नगाड़ा बाज रहा।
प्रभु बिन सूना है संसार गिरधारी दर्श दो एक बार।
जीवन सफल करना है तो राम से नाता जोड़ ले।
श्याम जिमावै जाटनी घुंघट की ओट म,
जोशी पतडो देख बता दे रे।
म्हारा साजन लयाया टोकनी।
ले गमछा गले में डाल तुलसी जी चले ससुराल।
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