शंकर रम रहयो पहाड़ा में गोरा पार्वती के संग
मैं नागनिया बनके निकल जाऊँगी
सास तेरे बोलन पै।
मैं हूँ मैया तेरी दिवानी, कहता है जग सारा
साथ छूटेगा कैसें मेरा आपका,
काले काले बादलों में, काली घटा छाई है
दादी तेरे चरणों से लिपट जाऊँ धूल बन के,
चरणो से लिपट जाऊं धूल बन के,
प्रीत नंद नंदन सो कीजे
मैया आना एक बार हमारे अंगना ।
आपने अपना बनाया मेहरबानी आपकी
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