रंग रंगीले है, रसिक रसीले है, राधा रमण सरकार
ठाकुर प्यारे, सुन ले सांसो की तड़पन
क्या पाया क्या छोड़ा।
सांवरा बेगो बेगो आव थारे बिना आवडे कोनी
छीन ले हस के सब का ये मन
धन घड़ी घन भाग शुभ री घड़ी है।
बिगड़ी बना दो सरकार
सुनसी सालासर वालो हनुमान जी।
अरे ओ श्याम की मुरली हमें यूं ना सताया कर
बरसाना मिल गया है किस चीज की कमी है
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