जबान जेसी मीठी जगत में जबान जैसी खारी क्या।
छोड़ कर संसार जब तू जाएगा,
छोड़ चलो हर भली करेंगे, कदे ना डरणा चाहिए
चोरासी की नींद में सतगुरु आके जगा दिया
राहों में नज़र रखना, होठों पे दुआ रखना
राम लखन दोनों भाई आए मेरी कुटी में।
खाटू वाले तेरी नगरी में रंग चढ़ा मस्ती का।
तुम पर है विश्वास बिहारी लाज नहीं जाने देना।
जिसकी जिभा पे नाम नही राम का।आदमी वो भला किस काम का।
पहले सोने के सिक्के चलते थे ,अब चले गुलाबी नोट जमाना बदल गया
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