प्रणाम जगदंबे ले लो हमारा प्रणाम,
राम का नाम बड़ा अनमोल, नारायण नारायण हरि हरि बोल।
म्हारां छैल भवँर रो कांगसियों,
पणिहारिया ले गई हो,
द्वारकापुरी सु लाया साड़ी
मैं तो गोल मटोल मेरे पतले पिया।
बन्ना कैसे बनाऊं तरकारी ससुराल मेरी बागों में।
अजब हैरान हूं भगवन तुम्हें कैसे रिझाऊं मैं
खाटू वाले श्याम बाबा, आया तेरे धाम बाबा
तेरी हर मुश्किल को बाबा, आसान कर देगा
गुरुदेव मेरी यह प्रार्थना है, भूलूँ कभी ना मैं हरी नाम प्यारा ।।
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