जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे
मेरे अंगना में आए भोलेनाथ साखिरी में क्या मांगू
गुरुजी सदके जाऊं तिहारी।
शिव तो भोला भाला है बाबा डमरू वाला है।
छोडो छोड़ो ये घर का झमेला, आया सावन का पावन मेला।
मेरे अंगने में देवों का ही स्थान है।
पल्लो देख ले, बिछाके,
खुल रहियो बाबा को दरबार,
पल्लो देख ले,
माटी की मटकी राम राम बोल,
छुप गया चांद बदरिया में ,बदरिया में। चढ़ आयो श्याम अटरिया में।
मेरे भोले तू मत ना पीवे भांग।
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