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शिव भजन लिरिक्सshiv bhajan lyrics

Jogiya thadh anganwa me,जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे,shiv bhajan

जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे

जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।माई जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।माई जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।माई जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।



सांपहि सांप बाम-दहिन छल
चित्र-विचित्र बसनमा मे।जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।माई जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।माई जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।


नित दिन भीख कतऽ सँ लायब
घुरि फिरि जाहु अंगनमा मे।जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।माई जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।माई जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।


भीखो ने लिअय जोगी, घुरियो ने जाइ
गौरी हे निकलू अंगनमा मे।जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।माई जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।माई जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।


भनहि विद्यापति सुनू हे मनाइन
शिव सन दानी के भुवनवा में।जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।माई जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।माई जोगीया ठाढ़ अंगनमा मे।

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