मन थोडो नैनों बन ने रहीजे।
तीन बाण धारी यो है देव चमत्कारी
भोले बाबा कहां मिलेंगे बतलावेगा कौन मने
जग में मूरत है प्यारी गणपति भगवान की।
सुध बुध भूल गई रे कन्हैया जब से सुन लई तेरी बसुरिया
चाहे तार दे हरी हो, चाहे मार दे हरी।
गोविंद नहीं है दूर, भजन करो गोविंद नहीं है दूर।
तुलसी की पूजा मैं करूं मुझे नाही मिले भगवान।
मानो कही तो पिया जोगी मत बनो जी।
बड़ा मीठा प्रसाद सत्संग का
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