एक सुगरी नूगरी नार दोनों बहना झगड़ पड़ी।
भोले की धुन में होके नाचूँ मलंग,
मेरे बाबा भोलेनाथ मेरे बाबा भोलेनाथ।
हे कृपालु हे दयालु भक्ति रस अवतार।
महारो रे बलम म्हासे रूठयो रूठयो जाए।
सांप री बांबी में डेरा थे लिया हरिराम जी।
मुझे बांसुरी के कान्हा सातों ही सूर तू दे दे
शिवाय शिवाय शिवाय ओम नमः शिवाय,
उमापति कैलाशी अविनाशी शिव शंकर भोले
भोले तेरी भक्ति का अपना एक मजा।
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