होती रहे यूँ ही बाबा ग्यारस पे अपनी मुलाकात।
अरे कान्या रे मान्या कुर्र,
चालां जोधपुर,
शंभू शंभू अभी प्रेम कहानी बाकी है। शंभू शंभू हर डगर डगर तेरी साथी में।
बन्ना थोरे काना रा गज मोती
म्हाने बकसाईदो राज बना सा
हो म्हारा भाई सोने रा,हो म्हारा नीनिया लाडा।
मोड के मुखड़ा गुरुदेव से जो भी रहते हैं।
ओ बहना मेरी आ गया अंत, आखिर छोड़ चली में दुनियादारी।
नचना पैरा विच घुंगरू पाके,
आज बांके बिहारी लाल नचना, पैरा विच पाके घुंघरू।
जंगल को जोगी बन गयो रे छोड़ भरतरी सबने।
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