विनती सुनिए नाथ हमारी।
मां बाप ने अपनी कमाई बच्चों पे लुटाई।
गोविन्दो गायो नहीं,तूने कईं कमायो बांवरा
कानूड़ो नी जाणे म्हारी प्रीत,मैं तो बाल कंवारी रे,
मन में तो आवे चुनरी चढ़ाऊं।
भोले बाबा मेरी कामना पूरी करो।
मेरे मन में गई रे समाए हो समाये, झोपड़ीया भोले बाबा की,
तर्ज,दीदी तेरा देवर दीवाना, हाय राम कुड़ियों को डाले दाना मोबाइल की लग गई बीमारी, हाय राम अकल गई मारी। मोबाइल की लग गई बीमारी, हाय राम अकल गई मारी। सासुजी सोचे बहू खाना बनाएं, बहू तो किचन में व्हाट्स एप्प चलाएं ।सासुजी सोचे बहू खाना बनाएं, बहू तो किचन में व्हाट्स एप्प चलाएं ।सब्जी […]
पड़िया पानी में पाषाण भीजे पर झिंजे कोनी।
मायरा री बेला आई,
चुनरी बाई ने ओढ़ाई,
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