विनती सुनिए नाथ हमारी। विनती सुनिए नाथ हमारी। हिरदेश्वर हरी हृदय बिहारी। मोर मुकुट पीतांबर धारी।विनती सुनिए नाथ हमारी। विनती सुनिए नाथ हमारी।
जनम जनम की लगी लगन है। साक्षी तारों भरा गगन है।जनम जनम की लगी लगन है। साक्षी तारों भरा गगन है। गिन गिन स्वांस आश कहती है। आएंगे श्री कृष्ण मुरारी।विनती सुनिए नाथ हमारी।विनती सुनिए नाथ हमारी।विनती सुनिए नाथ हमारी।विनती सुनिए नाथ हमारी।
सतत परीक्षा अपलक लोचन। ही भव बाधा विपत्ति विमोचन।सतत परीक्षा अपलक लोचन। ही भव बाधा विपत्ति विमोचन। स्वागत का अधिकार दीजिए। शरणागत है नयन पुजारी।विनती सुनिए नाथ हमारी। विनती सुनिए नाथ हमारी। विनती सुनिए नाथ हमारी। विनती सुनिए नाथ हमारी।
और कहूं क्या अंतर्यामी। तन मन धन प्राणों के स्वामी।और कहूं क्या अंतर्यामी। तन मन धन प्राणों के स्वामी। करुणाकर आकार यह कहिए। स्वीकारी विनती स्वीकारी।।विनती सुनिए नाथ हमारी। विनती सुनिए नाथ हमारी। विनती सुनिए नाथ हमारी। विनती सुनिए नाथ हमारी।
विनती सुनिए नाथ हमारी। विनती सुनिए नाथ हमारी। हिरदेश्वर हरी हृदय बिहारी। मोर मुकुट पीतांबर धारी।विनती सुनिए नाथ हमारी। विनती सुनिए नाथ हमारी।