सासु है परेशान मेरी इंग्लिश के मारे।
ना चाह जगी कभी गहना कि, मैं खुश माथे की बिंदी सु।
म्हारा गोविंद गिरधारी लादो लहरियो सा
अब जागो गिरिधारी म्हारा मोहन, अब जागो बनवारी ।
एक कमरा कमरे में मंदिर
मंदिर में हनुमान
इतना तो कर्म करना रसिकों पर मेरे कान्हा,
यही है विधि का विधान, पिता घर बेटी रखी ना जाए।
बाबा देखो मेरी और मैं हूं अती कमजोर मेरे साथ रहना,
म्हारा सांवरिया सरकार ,खाटू वाला लखदातार,दाता महे थासु काई मांगा
जिसका कोई नहीं होता भोलेनाथ होते हैं।
You must be logged in to post a comment.