ए मैन राख जरा विश्वास करनला कारज सारेगी।
देशाने री माई ए करनी भक्ता रे मन भाई ये मां।
चलो साथीड़ा आपा हरिगुण गावा
की कर देखु रे सांवरिया थारी प्रेम नगरी।
रण में कूद पड़ी महाँकाली।
हे मां दुर्गे मां।
हे कालरात्रि हे कल्याणी
तेरा जोड़ धारा पर कोई नही
आना जरुर अम्बे रानी फूलो मे चलकर।
इन लहरिया रे आले पाले गुगरा ये मां थे तो ओढ़ो नी जगदंबे माता लहरियो सा,
जब से नैन लड़े गिरधर से मेरी अकल गयी बौराए
You must be logged in to post a comment.