बेटी कुल के दाग लगाइए ना, तेरे बाप का मान घटाइये ना।
जग में संत भला ही आया।
सांवरिया पारसनाथ शिखर पर भला विराज्या जी ।
कैसा चक्कर चलाया रे,श्याम तेरी उंगली ने
कैसा चक्कर चलाया रे, मैया जी तेरी चुनरी ने।
मैं खाटू नगरी आ गया क्या कहना क्या कहना।
आज राम नाम का फिर से गूंजेगा जयकारा।
सत्संगियों बेगा आओ, थे भजन राम रा गाओ।
खाटू वाले श्याम धनी तूने विश्व हीला रखया।
सतगुरू सन्त कहावै
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