देखो सहेलियां हे, एक भैया सांवर एक गौर।
मुझे चरणों में दे दो स्थान जी मेरे रामजी मेरे रामजी,
कलाई थाम कर रखना मुसीबत सर पर भारी है।
नगरी हो खाटू सी मेरा आना जाना हो,
नैनो से नैन मिले, आंसू ये छलक पड़ते।
तीखा तीखा नैन बाबा थारा, के मांगू रे होश उड़ गया महारा।
मिन्दर री खिड़की तू तो खोल मीराबाई, मिन्दर री खिड़की तू तों खोल,
अयोध्या आए
मेरे प्यारे राम,बोलो जय जय श्री राम
तकदीर बनाने वाले ने कैसी तकदीर बनाई है,
हुए हैं लाल दशरथ के मुबारक हो मुबारक हो।
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